मेरे देश वासियों दोनों आँखे खुली रखना
एक आँख संसद पर दूजी सरहद पर रखना !
गिद्ध द्रष्टि देख रही हैअपने घर की हलचल
हर कदम आगे रखना देख जरा संभल कर
अपना तिरंगा झुक न पाए इसे संभाले रखना
एक आँख संसद पर दूजी सरहद पर रखना !
सर्द हिमखंड पिघल रहे हैं देखो धरा की आग से
जंगल भी थर्रा रहे हैं अब सिंघों की जाग से
एक जुट है सारा वतन नजर लक्ष्य पर रखना
एक आँख संसद पर दूजी सरहद पर रखना !
बचा कर रखना अपना ईमान वोट के खरीदारों से
कर लो दो -दो हाथ इन सत्ता के ठेकेदारों से
कर दो विभूषित देश की कुर्सी नेक नियत दारों से
तुम से ही है देश का गौरव अपना हक जमा कर रखना
एक आँख संसद पर दूजी सरहद पर रखना!
भ्रष्टाचार को ख़त्म करना है
आज खालो ये कसम !
जो भी राह में रोड़ा आये
उसको करदो वहीँ भसम !
बन जाओ तुम वीर भगत सिंह
चन्द्र शेखर सा जिगर रखना !
एक आँख संसद पर दूजी सरहद पर रखना!
मेरे देशवासियों दोनों आँखे खुली रखना !!



