अगला दिन
यात्रा की थकान मिट जाने के बाद अगला दिन पूर्ण ताजगी और स्फूर्ति लेकर आया !सबसे पहले बच्चों की फरमाइश पर अर्थात उनकी पसंद की जगह( फिश अकुरियम )मतस्य घर ,जल जीव शाला गए !
नीचे जो चित्र है कहते हैं की यह मछली बहुत समय पहले लिटिल अंडमान में समुद्र में मरी हुई पाई गई इसके मरने का कारन तो पता नहीं लगा आकार में काफी बड़ी थी फिर इसके अस्थ्पिन्जर को यहाँ रख दिया !
फिर वहां से हम हेवलोक के लिए चल दिए !
हेव लोक हमे शिप से जाना था !
पहले वहां के लिए सिर्फ बोट चलती थी जो करीब चार पांच घंटे ले लेती थी ,अब एक दो शिप जाते है तेज रफ़्तार के कारण डेढ़ दो घंटे में पहुंचा देते हैं
यह देखिये बेबी महिका के द्वारा खींचा गया चित्र
अब हम हेवलोक आइलैंड पहुँच गए !वहां से हमे राधा नगर बीच कार से पहुँचने के लिए दस मिनट लगे
बहुत सुन्दर बीच ,पारदर्शी पानी जिसमे विभिन्न रंग झलक रहे थे वहां खूब मस्ती की
जो एक बात मुझे वहां बुरी लगी वो था वहां के बाथरूम एवं चेंजिंग रूम मेंटेन नहीं थे ,वहां की गवर्मेंट के अन्दर वहां की व्यवस्था आती है हैरानी इस बात की है की इतनी सुन्दर जगह कुदरत का खजाना कहेंगे तो बेहतर होगा उस जगह कोई व्यवस्था नहीं ......बस सरकार की लापरवाही कह सकते हैं !
देखिये कुछ चित्र बीच के ------
कुछ देर हमने यहाँ वक़्त बिताया
समुद्र में जाने से पहले हमे ये निर्देश पढ़ लिए थे वहां हर बीच पर बोर्ड पर यह जरूर लिखा हुआ मिलता था की क्रोकोडाइल से सावधान !
अब हमको ढाई तीन घंटे बाद वापस उसी शिप से जाना था अतः जल्दी जल्दी सामान पैक करके वापस चल दिए !जब शिप के लिय वेट कर रहे थे तो देखो बच्चे कैसे टाइम पास कर रहे थे
शाम ढलने वाली थी शिप के अन्दर से ही सन सेट की पिक्चर ली !देखिये शाम का नजारा
शिप के बाहर से खींचती तो ये चित्र और भी खूबसूरत होते किन्तु शिप की कोई विंडो खुली हुई नहीं थी और सन सेट यात्रा के बीच में ही हुआ !
-- और सूरज ढल गया ---हमारी यात्रा का वह दिन भी ढल गया !
अगली पोस्ट में मैं आपको अद्दभुत अनोखा जोल्ली बॉय आई लेंड दिखाउंगी तब तक के लिए विदा !
यात्रा की थकान मिट जाने के बाद अगला दिन पूर्ण ताजगी और स्फूर्ति लेकर आया !सबसे पहले बच्चों की फरमाइश पर अर्थात उनकी पसंद की जगह( फिश अकुरियम )मतस्य घर ,जल जीव शाला गए !
नीचे जो चित्र है कहते हैं की यह मछली बहुत समय पहले लिटिल अंडमान में समुद्र में मरी हुई पाई गई इसके मरने का कारन तो पता नहीं लगा आकार में काफी बड़ी थी फिर इसके अस्थ्पिन्जर को यहाँ रख दिया !
देखिये अपनी पसंद की चीजें देखकर बच्चे कितने खुश हैं
वहां बहुमूल्य कोरल ,प्यारी प्यारी मछली देख कर बच्चों के साथ हमारा भी मन प्रसन्न हो गया !फिर वहां से हम हेवलोक के लिए चल दिए !
हेव लोक हमे शिप से जाना था !
पहले वहां के लिए सिर्फ बोट चलती थी जो करीब चार पांच घंटे ले लेती थी ,अब एक दो शिप जाते है तेज रफ़्तार के कारण डेढ़ दो घंटे में पहुंचा देते हैं
यह देखिये बेबी महिका के द्वारा खींचा गया चित्र
शिप के अन्दर का द्रश्य
अतः हमने मक्रुज्ज़ MAKRUZZ शिप के टिकट लिए जो एक आदमी का आने जाने का १४०० रूपये लेता है ,बहुत खूबसूरत वातानुकूलित अच्छी सुविधाओं से सुसज्जित शिप है बाहर का तापमान ३२ डिग्री था अतः शिप में बहुत आरामदायक यात्रा रही ! अब हम हेवलोक आइलैंड पहुँच गए !वहां से हमे राधा नगर बीच कार से पहुँचने के लिए दस मिनट लगे
बहुत सुन्दर बीच ,पारदर्शी पानी जिसमे विभिन्न रंग झलक रहे थे वहां खूब मस्ती की
जो एक बात मुझे वहां बुरी लगी वो था वहां के बाथरूम एवं चेंजिंग रूम मेंटेन नहीं थे ,वहां की गवर्मेंट के अन्दर वहां की व्यवस्था आती है हैरानी इस बात की है की इतनी सुन्दर जगह कुदरत का खजाना कहेंगे तो बेहतर होगा उस जगह कोई व्यवस्था नहीं ......बस सरकार की लापरवाही कह सकते हैं !
देखिये कुछ चित्र बीच के ------
नीचे के चित्र में बीच पर सवारी कराता हाथी
समुद्र में जाने से पहले हमे ये निर्देश पढ़ लिए थे वहां हर बीच पर बोर्ड पर यह जरूर लिखा हुआ मिलता था की क्रोकोडाइल से सावधान !
अब हमको ढाई तीन घंटे बाद वापस उसी शिप से जाना था अतः जल्दी जल्दी सामान पैक करके वापस चल दिए !जब शिप के लिय वेट कर रहे थे तो देखो बच्चे कैसे टाइम पास कर रहे थे
शाम ढलने वाली थी शिप के अन्दर से ही सन सेट की पिक्चर ली !देखिये शाम का नजारा
शिप के बाहर से खींचती तो ये चित्र और भी खूबसूरत होते किन्तु शिप की कोई विंडो खुली हुई नहीं थी और सन सेट यात्रा के बीच में ही हुआ !
-- और सूरज ढल गया ---हमारी यात्रा का वह दिन भी ढल गया !
अगली पोस्ट में मैं आपको अद्दभुत अनोखा जोल्ली बॉय आई लेंड दिखाउंगी तब तक के लिए विदा !