यह ब्लॉग खोजें

fauji लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
fauji लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 7 अगस्त 2012

फौजी आया गाँव में

सुगंध सुहानी आयेंगी  इस मोड़ के बाद 
यादें गाँव की लाएंगी  इस मोड़ के बाद 
जिस नीम पे झूला करता था बचपन मेरा 
वही डालियाँ बुलाएंगी इस मोड़ के बाद 
अब तक बसी हैं ऋतुएँ जो  मेरी साँसों में
देखो अभी मह्कायेंगी इस मोड़ के बाद 
बिछुड़ गई थी दोस्ती जीवन की राहों में 
वो झप्पियाँ बरसाएंगी इस मोड़ के बाद 
नखरों से खाते थे जिन हाथों से निवाले 
वो अंगुलियाँ तरसायेंगी इस मोड़ के बाद 
मचल रही होंगी बड़ी भाभी और बहनिया 
बैग मेरा खुलवायेंगी इस मोड़ के बाद 
समझ  लेता था मैं जिनके मन की भाषाएँ 
वो गइयां पूंछ हिलाएंगी इस मोड़ के बाद 
देख के फौजी वर्दी में  भर आयेंगी आँखें
माँ आँचल में छुपायेंगी  इस मोड़ के बाद 
मिलती हैं जो जाकर मेरे घर के द्वार से 
 पगडंडियाँ अब आयेंगी इस मोड़ के बाद
      *********