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सोमवार, 7 मई 2012

एक मुलाकात



सुबह सुबह जैसे ही फ़ोन की घंटी बजी उधर से हमारे ब्लोगिंग  शिरोमणि डॉ रूप चन्द्र शास्त्री मयंक जी की आवाज सुनाई दी |नमस्कार शुभप्रभात करने के बाद बातो बातों में पता लगा कि वो देहरादून अपने बेटे के पास आये हैं  अतः मेरे निमंत्रण पर वो अपनी धरम पत्नी श्री मति अमर भारती व् अपनी पुत्रवधू के साथ मेरे निवास स्थान पर मुझसे मिलने आये |उनसे मिलकर बहुत ख़ुशी हुई वो इतने सरल स्वभाव के शख्स हैं कि लग ही नहीं रहा था कि पहली बार मिल रहे हैं धन्य अंतर्जाल ,ब्लोगिंग जो दूर दूर से लोगों को इस तरह मिलवा देता है और एक दूसरे के बीच एक आत्मीयता स्थापित कर देता हैबातचीत के दौरान शास्त्री जी ने मुझे  अपने काव्य रचनाओं की चार पुस्तकें  सुख का सूरज ,धरा के रंग ,नन्हें सुमन
 (बाल कवितायेँ ),हँसता गाता बचपन (बाल कवितायेँ )सप्रेम भेंट की|
और हाँ उन्होंने एक दिन चर्चामंच पर मंगलवार की चर्चा  लगाने की पेशकश  भी की जो मैंने अपना सौभाग्य समझकर सहर्ष स्वीकार  कर ली  और इस तरह अपने ब्लोगेर्स मित्रों की सेवा का अवसर मुझे भी प्रदान  किया गया |इसके लिए मैं हार्दिक आभारी हूँ |चलिए  अब से मैं आप लोगों से हर मंगल वार चर्चा मंच पर मिलूंगी | इस तरह ये छोटी सी मुलाकात आप लोगों से सांझा की शायद आप लोगों को पसंद आई होगी |
धन्यवाद ,आपका दिन मंगलमय हो 

17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छी लगी यह आत्मीय भेंट...

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  2. बढ़िया रही यह मुलाकात ।
    इसीलिए ब्लॉगिंग फेसबुक से बेहतर है ।

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  3. बहुत रोचक प्रस्तुति...

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  4. अरे वाह बड़ा अच्छा लगा पढ़ कर ....!!
    आपका वर्णन रोचक रहता है ....!!

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    1. आप बहुत सौभाग्यशाली है राजेशकुमारी जी,कि आपके घर शास्त्री जी पधारे,..आपके आत्मीय भेंट...की रोचक प्रस्तुति पढकर अच्छा लगा,चर्चामंच के टीम में शामिल होने की बहुत२ बधाई,..शुभकामनाए,...

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  5. बहुत रोचक प्रस्तुति

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  6. वाह..............
    आपकी खुशी में हम भी खुश...........
    :-)
    बहुत सारी शुभकामनाएँ आपको.....

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  7. शास्त्री जी वाक़ई बहुत ही नेकदिल इंसान हैं उनसे हर कोई मिलना चाहेगा। हमें भी उनका निमन्त्रण मिल चुका है पर अभी तक मिलना नहीं हो पाया आपको इस मूलाक़ात की ढेरों शुभकामनाएं! हां बहुत ज्यादा ख़ुशी इस बात की है कि आप चर्चामंच के सहयोगियों में सुमार हुईं...बहुत-बहुत बधाई...अब तो हम पंछी इक डाल के हुए...पुनः बधाई

    इसे भी देखने की जेहमत करें शायद पसन्द आये-
    फिर सर तलाशते हैं वो

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  8. अच्छा लगा इस आत्मीय मुलाकात के बारे में जानकर ..... शुभकामनायें

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  9. हिंदी सपूत शास्त्री जी से भेंट अच्छी लगी ! बधाई आपको !

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  10. बहुत अच्छी मुलाकात साझा करने के लिये आभार
    बधाई !

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  11. आपने शास्त्री जी और उनके परिवार से भेट की और हम सब से उसे बांटा बहुत अच्छा लगा |आपकी सम्प्रेषण शैली बहुत अच्छी लगी

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  12. आप के घर ही सही आप के साथ शास्त्री जी से हमारी भी मुलाकात हो गई..... अच्छा लगा शुभकामनायें...

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  13. बढ़िया लगी आपकी इस मुलाक़ात की रिपोर्ट .... शुभकामनायें

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  14. मुझे भी श्रीमती राजेश जी से मिलकर अच्छा लगा!

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