यह ब्लॉग खोजें

बुधवार, 15 अगस्त 2012

दिल सोचता है कि मानता नहीं (कुछ क्षणिकाएं)


 (१)
सूरज ऊपर चढ़ रहा है 
पडोसी कि खिड़की बंद है 
मेरा रक्तचाप  बढ़ रहा है|
(२)
खुद ही खींच लिया उसने हाथ 
जो बढ़ाया था दोस्ती के लिए 
मेरे बैंक बेलेंस का लगा होगा आघात |
(३)
वो प्यारी सी चिड़िया 
जिसे आता था उसके बगीचे में मजा 
आज बिजली के तार से लटके देखा 
गलती या प्यार कि सजा ??
(४)
ना रंग ना धर्म की परिभाषा  
नेत्रहीन तो जाने 
बस स्पर्श की भाषा |
(५)
ना जाने प्यार की या धैर्य की परीक्षा 
बूंदे पड़ रही हैं अनवरत
और उस फूल की गर्दन झुकी हुई 
(६)
स्वप्न में तिरंगे के रंगों के अर्थ बदल गए 
केसरिया =बाबा रामदेव की धोती 
सफ़ेद =सरकार के खून का रंग 
नीला चक्र =स्विस बेंक का चिन्ह 
हरा =हारा हुआ  लोकतंत्र  
 ********************

22 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 18/08/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह...
    बहुत बढ़िया क्षणिकाएं राजेश जी...
    तय नहीं कर पा रही हूँ कि सबसे अच्छी कौन सी....
    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  3. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अंतिम क्षणिका दिल को गहरे तक छू गयी...सभी उत्तम हैं..

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    साझा करने के लिए धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  6. सभी क्षणिकाएं बहुत सुन्दर...

    उत्तर देंहटाएं
  7. वे क़त्ल होकर कर गये देश को आजाद,
    अब कर्म आपका अपने देश को बचाइए!

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,,
    RECENT POST...: शहीदों की याद में,,

    उत्तर देंहटाएं
  8. दिल पर काबू कीजए, कस कर थाम लगाम।
    ये पंछी उन्मुक्त है, उड़ता तेज उड़ान।।

    उत्तर देंहटाएं
  9. चिंतनोन्मुख करती सशक्त क्षणिकायेँ...
    सादर।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर !

    पर सूरज को चढंने दो
    रक्तचाप मत बढा़ओ
    पडो़सी की खिड़की कौ
    पत्थर मार के खटखटाओ!

    उत्तर देंहटाएं
  11. बेहतरीन प्रस्तुति ....आभार

    उत्तर देंहटाएं
  12. अति सुंदर रचना है , क्यों न बार बार पढूं ?

    उत्तर देंहटाएं
  13. (६)
    स्वप्न में तिरंगे के रंगों के अर्थ बदल गए
    केसरिया =बाबा रामदेव की धोती
    सफ़ेद =सरकार के खून का रंग
    नीला चक्र =स्विस बेंक का चिन्ह
    हरा =हारा हुआ लोकतंत्र
    मेरे से हाथ मिलाने से किसी के हाथ काले हो जाएँ ,तो मैं क्या कर सकता हूँ ,लाचार हूँ,इस देश का नियुक्त किया गया ,प्रधान मंत्री हूँ . कोयले की दलाली का कैग ने उदघाटन कर दिया है .
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 17 अगस्त 2012
    गर्भावस्था में काइरोप्रेक्टिक चेक अप क्यों

    उत्तर देंहटाएं
  14. क्षणिकाएं नहीं इस दौर की हकीकत हैं ....
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    शुक्रवार, 17 अगस्त 2012
    गर्भावस्था में काइरोप्रेक्टिक चेक अप क्यों

    उत्तर देंहटाएं
  15. जीवन के व्यापक पक्षों को समेटती उत्कृष्ट क्षणिकाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  16. एक से बढ़ कर एक हैं सभी क्षणिकाएँ


    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  17. (२)
    खुद ही खींच लिया उसने हाथ
    जो बढ़ाया था दोस्ती के लिए
    मेरे बैंक बेलेंस का लगा होगा आघात |
    सामाजिक और राजनीतिक विसंगतियों पर कसाव दार व्यंजना बहुत खूब हैं भाव -विचार -कणिकाएं ,मेरा भाव ,तेरा भाव ,उसका भाव ,........राष्ट्र -अभाव सिंड्रोम .

    उत्तर देंहटाएं
  18. स्वप्न में तिरंगे के रंगों के अर्थ बदल गए
    केसरिया =बाबा रामदेव की धोती
    सफ़ेद =सरकार के खून का रंग
    नीला चक्र =स्विस बेंक का चिन्ह
    हरा =हारा हुआ लोकतंत्र
    ..लोक तो गायव होने लगा है सिर्फ तंत्र ही नज़र आता है ..
    बहुत सुन्दर सार्थक प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं