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शुक्रवार, 27 जनवरी 2012

आयो रे वसंत

धामक -धूमक कर आयो रे वसंत 
धन्य -धरित्री महकायो रे वसंत!
घूम रहे अलि-अलि झूम रही कलि -कलि  
पुहुप -पुहुप मुस्कायो रे वसंत !
 धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!

प्रीत -पीत रंग सजी सरसों की क्यारी 
आल्हा की टंकार छेड़े खेतों का हाली
होलिया की गंध संग लायो रे वसंत 
धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!

हल्दी वर्ण  परिधान सजे साजन और सजनिया 
कुहुक- कुहुक ललचावे रे कोयलिया 
सौरभ की बयार लेके आयो रे वसंत 
शुभ रंगों का प्यार लेके आयो रे वसंत 
धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!!




37 टिप्‍पणियां:

  1. बसंत की मनमोहक ब्याख्य बहुत ही सुन्दर, धन्यवाद |
    --------------------------------------
    हल्दी वर्ण परिधान सजे साजन और सजनिया
    कुहुक- कुहुक ललचावे रे कोयलिया
    सौरभ की बयार लेके आयो रे वसंत
    शुभ रंगों का प्यार लेके आयो रे वसंत
    धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!!
    --------------------------------------
    मजा आ गया...

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  2. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं....

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  3. खूबसूरत बसंती छटा बिखेरती हुई ...लाजवाब ..उत्कृष्ट ...अनुपम ....संग्रहनीय रचना ....बसंत पंचमी की शुभकामनाएं....

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  4. बसंती बधाई कबूलें !
    शुभकामनाएँ!

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  5. उम्दा प्रस्तुति…………बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें।

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  6. बहुत ही बढ़िया ।

    बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।


    सादर

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  7. वसंत पंचमी का बहुत सुन्दर वर्णन किया है
    बेहतरीन अभिव्यक्ति
    वसंत पंचमी की शुभ कामनाएँ ....

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  8. बसन्त की उमंग थपकाती कविता, आनन्द भर आया।

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  9. बहुत सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं....

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  10. बसंत की छटा बिखेरती सुन्दर प्रस्तुति

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  11. बासंती छटा बिखेरती बहुत ख़ूबसूरत प्रस्तुति..बसन्त पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें!

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  12. बसंत के साथ एक बार फिर लोगों के जीवन में उमंगें लौट आई हैं ।
    शुभकामनायें राजेश जी ।

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  13. basantotsav ki subhakamnye ...aur thanku for this post ..i like so much

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  14. बसन्त पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    EK BLOG SABKA
    आशा है , आपको हमारा प्रयास पसन्द आएगा!

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  15. शब्दों का अनोखा प्रयोग तो है ही ...साथ अनुप्रास अलंकार के दर्शन भी हो गए
    सुन्दर रचना

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  16. सुंदर प्रस्तुति बहुत अच्छी रचना,..

    --26 जनवरी आया है....

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  17. प्रीत -पीत रंग सजी सरसों की क्यारी
    आल्हा की टंकार छेड़े खेतों का हाली
    होलिया की गंध संग लायो रे वसंत
    धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!

    सुंदर बसंत गीत,
    छेड़ो सुर-ताल मीत।
    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं।

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  18. सुंदर वासंतिक भाव...... शुभकामनायें

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  19. बहुत सुन्दर...रंगबिरंगी...महकती...लहराती रचना.
    शुभकामनाएँ.

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  20. बहुत सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं....

    उत्तर देंहटाएं
  21. प्रीत -पीत रंग सजी सरसों की क्यारी
    आल्हा की टंकार छेड़े खेतों का हाली
    होलिया की गंध संग लायो रे वसंत
    धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!
    अति सुन्दर.....

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  22. आपकी पोस्ट आज की ब्लोगर्स मीट वीकली (२८) मैं शामिल की गई है /आप आइये और अपने सन्देश देकर हमारा उत्साह बढाइये /आप हिंदी की सेवा इसी मेहनत और लगन से करते रहें यही कामना है /आभार /

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  23. बसंत की बासंती रचना ने भाव विभोर कर दिया, वाह !!!!!

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  24. वैश्विक आर्थिक संकट के इस दौर में कैसा वसंत!

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  25. कुहुक- कुहुक ललचावे रे कोयलिया
    सौरभ की बयार लेके आयो रे वसंत
    शुभ रंगों का प्यार लेके आयो रे वसंत
    धामक -धूमक कर आयो रे वसंत!!

    वाह...सुंदर चित्र और भावपूर्ण पंक्तियाँ !

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  26. बहुत सुंदर बसन्ती रचना, प्रस्तुति अच्छी लगी.,

    welcome to new post --काव्यान्जलि--हमको भी तडपाओगे....

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  27. सार्थक, सामयिक पोस्ट, आभार.

    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारें, अपनी राय दें, आभारी होऊंगा.

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  28. bahut basant kaa swaagat kiyaa aapne
    बसंत पंचमी का पर्व आया
    229--02-11

    बसंत पंचमी
    का पर्व आया
    शरद ने विश्राम लिया
    निरंतर शीत से
    धरती का आँगन
    मुक्त हुआ
    विद्या,संगीत की देवी
    मां सरस्वती का
    प्रभव हुआ
    प्रकृति ने
    सोलह श्रृंगार किया
    कण कण प्रकृति
    का खिला
    रंगों से धरती को भरा
    फूलों की महक से
    जगत महका
    प्रेम बेला का आगमन
    उमंगें लाया
    सात सुरों का
    उद्भव हुआ ,
    कामदेव, विष्णु पूजन का
    पावन काल आया
    वृक्ष आम का
    बौरों से भरा
    रंग पीला
    सरसों के फूलों से
    बरसा
    माघ गया मौसम
    बसंत का आया
    उल्लास मनों में
    लाया

    07-02-2011

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