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रविवार, 1 जनवरी 2012

नव वर्ष में मासूम का संकल्प


वसुंधरा अपनी चिर परिचित गति से घूम रही है, 

निशानाथ परदेश भ्रमण की तैयारी में है, 
सखी निशा भी धीरे- धीरे सितारों को अपने आँचल में भर रही है! 
अन्तरिक्ष का केनवास स्पष्ट हो गया है, 
नन्हा चित्रकार मस्तिष्क जाग रहा है! 
क्यूँ न आज इस केनवास पर माँ का चित्र बनाऊं 
तू कितनी प्यारी है माँ ,ये दुनिया को दिखलाऊं ! 
नारियल के वृक्षों को जोड़कर लंबी सीढ़ी बनाई 
और अम्बर तक पहुचाई ! 
छुट मुट घनों के टुकड़ों को नन्हे हाथों से एक तरफ हटाया,
पर्वतों के गर्भ से खींच कर पेन्सिल निकाली 
और माँ का सलोना चेहरा बनाया!
फिर फल फूलों से कुछ इन्द्रधनुष से रंग लेकर , 
पास में ही रखे हुए चांदी के थाल में एकत्र  किये!
थोडा सा झुककर बंगाल की खाड़ी  के  
सागर में अंजली डुबोकर जल लिया और रंग तैयार किये! 
काश्मीर की  घाटी से चिनार के पत्तों से ब्रुश बनाया 
माँ के चेहरे को रंगों से सजाया !
कोयल से थोड़ा काला रंग लेकर माँ की आँखों में काजल लगाया !
रवि की पहली किरण ने माँ के माथे पर बिंदी लगा दी !
तितलियों ने अपने पंखों की हवा से गीला रंग सुखाया !
तस्वीर पूर्ण हुई !
निहारते हुए वह बोला "देखो कितनी सुन्दर थी मेरी माँ "
जैसे ही उसने यह कहा किसी ने उसकी सीढ़ी जोर से खींच ली, 
ओर वो धम्म से नीचे आ गिरा!                                                     
कानो में आवाज आई हरामखोर सपने ही देखता रहेगा 
काम पर नहीं जाना है क्या ?
आँखों में दर्द के बादल, पर उसके हर्दय में 
नए साल के नए शुभ प्रभात में 
एक संकल्प की ज्योति जल चुकी थी 
इस सपने पर सिर्फ मेरा हक है !
मैं यह कर दिखाऊंगा 
हकीकत की सीढ़ी से 
सफलता का ध्वज आसमां पर फहराऊंगा 
अपना भविष्य खुद बनाऊंगा !!!


कहते हैं स्वप्न सिर्फ पलकों  में सोते हैं 
पर होंसले बुलंद हो तो स्वप्न पूर्ण होते हैं !
नव वर्ष की सभी मित्रों को शुभकामनाएं  

  
  
    

29 टिप्‍पणियां:

  1. भावों की सम्पूर्णता है इसमें ... जो निःशब्द करते हैं

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  2. हर शब्द, हर पंक्तियाँ लाजबाब...!
    ऐसी रचना बहुत कम ही पढने को मिलती है !
    अद्भुत रचना ..!
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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  3. कहते हैं स्वप्न सिर्फ पलकों में सोते हैं
    पर होंसले बुलंद हो तो स्वप्न पूर्ण होते हैं !बहुत ही सुन्दर भावाव्यक्ति ……नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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  4. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति की एक और खूब शूरत रचना,बेहतरीन प्रस्तुति
    नया साल आपके जीवन को प्रेम एवं विश्वास से महकाता रहे,

    मेरी नई पोस्ट --"नये साल की खुशी मनाएं"--

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  5. सच कहा है होंसले बुलंद होने चाहियें ... राहें अपने आप बन जाती हैं ...
    नव वर्ष की मंगल कामनाएं ..

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  6. bahut hi sundar bhovbhari rachana hai....
    manjil ko pane ki koshish karni chahiye hausale buland rakh mehnat karate rahana chahiye...
    sundar prernadayak abhivykti....

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  7. ख्वाब से हकीकत में आना ..सुन्दर प्रस्तुति

    नव वर्ष की शुभकामनायें

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  8. मार्मिक प्रस्तुति ।
    नव वर्ष की मंगल कामनाएं ।

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  9. बहुत सुंदर चित्र से सजी सुंदर कविता !

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    नव वर्ष की शुभकामनायें|

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  11. कल्पनालोक के मयूर पंखी अहसास से अचानक यथार्थ की कँटीली झाड़ियों तक रचना ने जीवन के दोनों रंगों को अभिव्यक्ति दी है.वाह !!!

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  12. दस दिनों तक नेट से बाहर रहा! केवल साइबर कैफे में जाकर मेल चेक किये और एक-दो पुरानी रचनाओं को पोस्ट कर दिया। लेकिन आज से मैं पूरी तरह से अपने काम पर लौट आया हूँ!
    नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!

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  13. आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को नये साल की ढेर सारी शुभकामनायें !
    उम्दा रचना!

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  14. VAH APKI NE BAHUT HI SUNDAR LIKHA HAI POORA KA PORA CHITR SHABDON KI JADUGARI SE HI DIKHA DIYA .....BAHUT BAHUT ABHAR RAJESH JI.

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  15. Great creation ....beautiful resolution...आपको एवं आपके परिवार को नए वर्ष की ढेरों शुभकामनाएं !

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  16. awasome ..........beautiful creation ...heads of you rajesh kumari ji .....aapki har post aajkal naye andaj me hoti hai ...bahut lubhati hai . sunder abhivyakti .....abhar .

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  17. बहुत सुन्दर कविता हर छंद बेमिसाल धन्यवाद आपको .......मेरे लिए हर दिन नया होता है तथा हर दिन की नयी किरण एक नया सन्देश ले कर आती है ..परम पिता परमात्मा से मेरे प्रार्थना है की आपका हर दिन हर पल सुखद हो .....

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  18. कहते हैं स्वप्न सिर्फ पलकों में सोते हैं
    पर होंसले बुलंद हो तो स्वप्न पूर्ण होते हैं.satik bat.

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  19. सपने आवश्यक हैं ....
    शुभकामनायें आपको !

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  20. ---नन्हा चित्रकार मस्तिष्क जाग रहा है! --- यही तो....यही तो....
    ---सुन्दर..सुन्दर..सुन्दर...

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  21. वर्तमान जैसा भी हो,सपने देखने से ही उसे साकार करना संभव।

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  22. नए साल की हार्दिक सुभकामनायें /
    आपकी पोस्ट आज की ब्लोगर्स मीट वीकली (२५) में शामिल की गई है /आप मंच पर पधारिये और अपने सन्देश देकर हमारा उत्साह बढाइये /आपका स्नेह और आशीर्वाद इस मंच को हमेशा मिलता रहे यही कामना है /आभार /लिंक है /
    http://hbfint.blogspot.com/2012/01/25-sufi-culture.html

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