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गुरुवार, 31 अक्तूबर 2013

जलाऊं दीपक कैसे (एक रोला गीत )

कुल बीते दिन चार ,चमन का खोया माली
रोते पुहुप हजार ,कहाँ कैसी दीवाली
व्यथित उत्तराखंड ,तबाही कैसे भूले
आँसू मिश्रित आग ,जलेंगे कैसे चूल्हे
बिना तेल के दीप ,जलेगी कैसे बाती
बिना राग संगीत ,मुरलिया कैसे गाती
मृत्यु नृत्य निर्बाध ,जहाँ खेली थी  होली
सने लहू से द्वार ,कहाँ बैठे रंगोली
कुदरत ने दी मार ,धरा अम्बर तक रूठे
रह-रह उठते टीस ,मिले जो जख्म अनूठे
औरों का दुख देख , मनाऊं खुशियाँ  कैसे
बगल घर अन्धकार , जलाऊं दीपक  कैसे
खुशियों के हों रंग ,भरे उनकी भी झोली
 चौखट जाए सूख   ,सजे उस पर  रंगोली
मिल जाएं परिवार ,बढ़े उनकी खुशहाली 
भरो प्रेम से जख्म , मनाओ फिर  दीवाली
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24 टिप्‍पणियां:

  1. संदेश देता सार्थक गीत...
    सादर...
    मेरी नयी पोस्ट है धरा मानव से कह रही है

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (02-11-2013) "दीवाली के दीप जले" चर्चामंच : चर्चा अंक - 1417” पर होगी.
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
    सादर...!

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  3. vijaybhosale211@gmail.com1 नवंबर 2013 को 1:33 am

    DIPAVALI KE SHUBH AVSAR PAR SABHIJAGAH ANANDOUTSAV MANAYA JAYEGA . LEKIN is bich kahi huhe naisargik apada se pidito ki halat baot kharab hogi. unaka smaran karane hetoo likhi gai ye kavita MANAVATA KE DRUSHHTI SE BAHOT HI MAHATVAPURN RACHANA HAI.||

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  4. vijaybhosale211@gmail.com1 नवंबर 2013 को 1:41 am

    BHAHOTHI SUNDAR RACHANA HAI. DU:KHITONKA DHAN RAKHAN UNAKE BARE SOCHANA ,UANAKI TAKALIP KYA HOGI ?? VE KAISE JI RAHE HONGE ?? KEDARANATH KI DAIVI AVAM NAAISARGIK APADA NE SARA VISHWA HIL CHUKA THA. LEKIN MANAV PRANI KUCHHH DINO BAD YE SABH BHUL JATA HAI. LEKIN PRASTUT KAVAYATRI DVAWAR A YE PUN:: UAJAGAR HO GAYA HAI. AUR O BHI BAHOT ACHHE SHABDO ME !!! dhanyavad.

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  5. बहुत सुंदर सार्थक प्रस्तुति ,,,
    दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ।।

    RECENT POST -: तुलसी बिन सून लगे अंगना

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  6. खुबसूरत अभिवयक्ति...... शुभ दीपावली

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  7. व्यथा कथा की दीवाली है ,उत्तरांचल की ,दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ।।

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  8. बहुत सुन्दर भावपूर्ण एवं सार्थक गीत . दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें ..

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  9. खुबसूरत रचना |
    आपको सपरिवार दिवाली की शुभकामनाएं |

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  10. बहुत ही सुन्दर रचना..
    दीपावली कि हार्दिक शुभकामनाएँ
    :-)

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  11. सुन्दर प्रस्तुति………

    काश
    जला पाती एक दीप ऐसा
    जो सबका विवेक हो जाता रौशन
    और
    सार्थकता पा जाता दीपोत्सव

    दीपपर्व सभी के लिये मंगलमय हो ……

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  12. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    स्वस्थ रहो।
    प्रसन्न रहो हमेशा।

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  13. बहुत सुंदर भावपूर्ण।
    जलाकर नन्हा दीप बगल वाली चौखट पर
    करें चहुंऔर उजास, मने ऐसी दीवाली।

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  14. .बहुत सुन्दर.. . आप को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  15. सार्थक चिंतन ... कई बार मन में ऐसे ख्याल आते हैं ... ओर दिवाली मनाने का मन नहीं करता ..
    दीपावली के पावन पर्व की बधाई ओर शुभकामनायें ...

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  16. बहुत अच्छी प्रस्तुति...दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
    नयी पोस्ट@जब भी जली है बहू जली है

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  17. उत्तर
    1. सादर धन्यवाद आपका ,मेरे ब्लॉग से जुड़ने पर हार्दिक अभिनन्दन आदरणीय गोपेश जी

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