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मंगलवार, 10 सितंबर 2013

आज रूपये का ये हाल बहुत हुआ

छोडो अपनी ढाई चाल बहुत हुआ
खून में आया उबाल बहुत हुआ

आम जनता की आवाज दबे नहीं
देश में लाये भूचाल बहुत हुआ  


खींच लेगा आज वक़्त ये कुर्सियां
कर चुके जितना धमाल बहुत हुआ

अब सियासी हंडिया ये उतार दो    
पक चुकी जितनी  ये दाल बहुत हुआ

दोगुला अब तो   चलन ये   चले नहीं
बेहयाई का कमाल बहुत हुआ

क़र्ज़ में अब  देश खूब   डुबा चुके
आज रूपये का ये हाल बहुत हुआ

देश की जनता है  जाग उठी  अभी 
नोंच लेगी  बाल खाल बहुत हुआ


17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत तो हो गया .... लेकिन जो भी कुर्सी पर बैठेगा वो ही कमाल धमाल कर अपनी जेब भरेगा ... बढ़िया गज़ल.... काश यह चेतावनी सच हो ।

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  2. देश की जनता है जाग उठी अभी
    नोंच लेगी बाल खाल बहुत हुआ...बहोत सही...ऐसा ही होना भी चाहिए

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  3. देश की जनता है जाग उठी अभी
    नोंच लेगी बाल खाल बहुत हुआ...बहोत सही...ऐसा ही होना भी चाहिए

    उत्तर देंहटाएं
  4. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल गुरुवार (12-09-2013) को "ब्लॉग प्रसारण : अंक 114" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

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  5. आपकी यह प्रस्तुति 12-09-2013 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत है
    कृपया पधारें
    धन्यवाद

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  6. बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें.
    कभी यहाँ भी पधारें।
    सादर मदन

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  7. देश की जनता है जाग उठी अभी
    नोंच लेगी बाल खाल बहुत हुआ ---बेह्तरीन अभिव्यक्ति!
    latest post गुरु वन्दना (रुबाइयाँ)

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  8. क़र्ज़ में अब देश खूब डुबा चुके
    आज रूपये का ये हाल बहुत हुआ

    देश की जनता है जाग उठी अभी
    नोंच लेगी बाल खाल बहुत हुआ

    सच में बहुत हुआ । बेहद भाई ये प्रस्तुति।

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  9. देश की जनता है जाग उठी अभी
    नोंच लेगी बाल खाल बहुत हुआ

    ....बेहतरीन प्रस्तुति।

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