यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2012

कुछ कह मुकरी


कुछ कह मुकरी 
()
जब से साल सोलहवां आया 
मन ही मन ये दिल भरमाया 
मेरी आँखों में वो लगे हंसने 
सखी साजन! ना सखी सपने 
()
पलकें मेरी झुक-झुक जाएँ 
फिर चुपके  से मुझे बुलाये 
वदन श्रृंगार उसी को अर्पण 
सखी साजन ! ना सखी दर्पण 
()
सगरी नगरी जब सो जाए 
दबे पाँव अँधेरे में आये 
डरे कहीं हो जाए ना भोर 
सखी साजन !ना सखी चोर 
()
प्रेम पाश में मुझे फंसाए 
रेशमी बांहों में वो झुलाए 
धीरे धीरे मुझे सुलाए 
सखी दूल्हा !ना सखी झूला 
()
तीनो पहर वो मुझे बुलाये 
बिन उसके भी रहा ना जाए 
अपनी अगन में मुझे तपाये 
सखी दूल्हा ! ना सखी चूल्हा 

(६)
रात चांदनी पुहुप महकाये
श्वेत किरणों का जाल बिछाए 
सम्मोहन में मुझे फंसाए 
ऐ सखी चंदा !ना सखी रजनी गंधा
(७)
जब भी मेरे पास में आये 
मेरा आँचल उड़ -उड़ जाए 
मेरे तन-मन को उलझाए 
ऐ सखी पवन !! ना बुद्धू, साजन 
          *****     

20 टिप्‍पणियां:

  1. रात चांदनी पुहुप महकाये
    श्वेत किरणों का जाल बिछाए
    सम्मोहन में मुझे फंसाए
    ऐ सखी चंदा !ना सखी रजनी गंधा

    बहुत सुंदर प्रस्तुति,..बेहतरीन पोस्ट के लीये बधाई

    MY RESENT POST .....आगे कोई मोड नही ....

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह वाह राजेश कुमारी जी………शानदार कह मुकरियाँ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह वाह................

    वाह राजेश जी...................
    मज़ा आ गया पढ़ कर................

    कोई ना बूझ पाए हम................
    बहुत प्यारी रचना.

    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  4. जब से साल सोलहवां आया
    मन ही मन ये दिल भरमाया
    मेरी आँखों में वो लगे हंसने
    ऐ सखी साजन! ना सखी सपने
    सगरी नगरी जब सो जाए
    दबे पाँव अँधेरे में आये
    डरे कहीं हो जाए ना भोर
    ऐ सखी साजन !ना सखी चोर
    वाह !बहुत सुंदर मुकरियाँ..बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत खूब ! बहुत ख़ूबसूरत और रोचक मुकरियाँ .....

    उत्तर देंहटाएं
  6. तीनो पहर वो मुझे बुलाये
    बिन उसके भी रहा ना जाए
    अपनी अगन में मुझे तपाये
    ऐ सखी दूल्हा ! ना सखी चूल्हा ... सबमें साजन का भ्रम :)

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह...बहुत सुन्दर, सार्थक और सटीक!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं
  8. जीवन के बसंत की अद्भुत छटा छिटकाते शब्द..

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह राजेशजी मज़ा आ गया ....बहुत सही !

    उत्तर देंहटाएं
  10. आत्म रति से विमुग्ध दर्पण के प्रति आसक्त किशोर man की अठखेलियाँ .कणिकाएं किशोर भाव जगत की बोले तो पहेलिकाएं .बधाई स्वीकार करें इस सुन्दर रचना के लिए .
    रविवार, 29 अप्रैल 2012
    महिलाओं में यौनानद शिखर की और ले जाने वाला G-spot मिला

    http://veerubhai1947.blogspot.in/
    शोध की खिड़की प्रत्यारोपित अंगों का पुनर चक्रण
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/शुक्रिया .

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सुन्दर..! बधाई स्वीकारें..

    उत्तर देंहटाएं
  12. जीवन का पूरा रंग विखेर दिया ..बहुत प्यारी रचना...राजेशजी....

    उत्तर देंहटाएं
  13. तीनो पहर वो मुझे बुलाये
    बिन उसके भी रहा ना जाए
    अपनी अगन में मुझे तपाये
    ऐ सखी दूल्हा ! ना सखी चूल्हा .....
    .....बहुत सुन्दर.

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत ही बढ़िया
    सुन्दर.....

    उत्तर देंहटाएं
  15. जब से साल सोलहवां आया
    मन ही मन ये दिल भरमाया
    मेरी आँखों में वो लगे हंसने
    ऐ सखी साजन! ना सखी सपने
    सगरी नगरी जब सो जाए
    दबे पाँव अँधेरे में आये
    डरे कहीं हो जाए ना भोर
    ऐ सखी साजन !ना सखी चोर
    वाह !बहुत सुंदर मुकरियाँ..बधाई !

    सुन्दर काव्यात्मक प्रहेलिकाएं . बधाया!

    कृपया यहाँ भी पधारें -

    सोमवार, 30 अप्रैल 2012
    जल्दी तैयार हो सकती मोटापे और एनेरेक्सिया के इलाज़ में सहायक दवा

    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  16. आपकी प्रहेलिकाओं एवं टिप्पणियों के लिए आभार .

    कृपया यहाँ भी पधारें -
    डिमैन्शा : राष्ट्रीय परिदृश्य ,एक विहंगावलोकन

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/
    सोमवार, 30 अप्रैल 2012

    जल्दी तैयार हो सकती मोटापे और एनेरेक्सिया के इलाज़ में सहायक दवा

    उत्तर देंहटाएं