यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 2 मार्च 2012

प्रीत रीत


प्रीत रीत में भेद नहीं 
सब कुदरत के खेल 
वृद्ध तरु भी झूम उठे 
जब चढ़े प्रेम की बेल |
जब चढ़े प्रेम की बेल 
युवा मंद -मंद मुस्कावें 
इन्द्र ,शिवा सब देव गण
नेह पुष्प बरसावें |
नेह नीर से सींचते 
अपने आँगन की क्यारी  
दीन ,हीन सब नृप बने 
पाकर प्रेम की दौलत भारी
जिस घर में नेह की पूँजी हो  
और वृद्ध हो  सिया राम 
बैकुंठ उन्ही के चरणों में 
और सारे तीरथ धाम ||

17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही प्यारी और भावो को संजोये रचना......

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ही स्न्न्दर रचना है..
    सुन्दर भाव अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बैकुंठ उन्ही के चरbणों में
    और सारे तीरथ धाम ||..sunder bhavon se otprot rachna..sadar badhayee..meri nayee post par bhee aapka swagat hai

    उत्तर देंहटाएं
  4. जय हो... जय हो...

    वाह! बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आपकी.

    प्रीत के रंग में रंग रही है,

    होली की अग्रिम शुभकामनाएँ.

    समय मिले तो 'मेरी बात...' पर अपनी भी कुछ कहियेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  5. जिस घर में नेह की पूँजी हो
    और वृद्ध हो सिया राम
    बैकुंठ उन्ही के चरणों में
    और सारे तीरथ धाम ||वाह , कितनी सही बात कही आपने

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर सीख देती हुई रचना ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. सुंदर अभिव्यक्ति की भावपुर्ण बेहतरीन प्यारी रचना,..बधाई ,....

    NEW POST...फिर से आई होली...

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुंदर भाव,भावपुर्ण बेहतरीन प्यारी रचना,

    उत्तर देंहटाएं
  9. नेह नीर से सींचते
    अपने आँगन की क्यारी
    दीन हीन सब नृप बने
    पाकर प्रेम की दौलत भारी।

    नेहपूर्ण जीवन कितना सुकून भरा होता हैं ! कविता में यही संदेश ध्वनित है।

    उत्तर देंहटाएं
  10. जिस घर में नेह की पूंजी हो वहाँ किस बात की कमीं हो सकती है |बढ़िया |होली पर हार्दिक शुभकामनाएं |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  11. प्रेम भरा जीवन कितना सकून देता है,...
    सुंदर भाव की रचना...

    NEW POST...फिर से आई होली...
    NEW POST फुहार...डिस्को रंग...

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (३३) में शामिल की गई है /आप आइये और अपने विचारों से अवगत करिए /आपका स्नेह और आशीर्वाद इस मंच को हमेशा मिलता रहे यही कामना है /आभार /
    इसका लिंक है
    http://hbfint.blogspot.in/2012/03/33-happy-holi.html

    उत्तर देंहटाएं
  13. नेह नीर से सींचते
    अपने आँगन की क्यारी
    दीन हीन सब नृप बने
    पाकर प्रेम की दौलत भारी।
    bahut pyari panktiyan...
    holi ki shubhkamnayen...

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुंदर प्रेम-संदेस !
    होली का पर्व मुबारक हो !
    शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  15. बिलकुल ठीक कहा आपने , इनसे बड़ा कोई नहीं ....
    रंगोत्सव की शुभकामनायें स्वीकार करें !

    उत्तर देंहटाएं