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रविवार, 21 जुलाई 2013

फिर घूँघट की शान बढाता है पल्लू

जीवन में हर रंग दिखाता ये  पल्लू 
सर पर तो पूरित हो जाता है पल्लू 
 गर्मी  में  चेहरे का  पसीना  पौंछता   
सावन में छतरी बन जाता है पल्लू 

जब- तब शादी में गठबंधन करवाता  
दो जीवन को एक बनाता ये पल्लू 
झोली बन कर आखत अर्पण  करवाता   
फिर घूँघट की शान बढाता है पल्लू  

कभी कभी नव शिशु  का झूला बन जाता    
आँखों से तिनका चुन लेता  ये  पल्लू   
रोता  बालक  माँ  के पीछे जब दौड़े   
हाथो की ऊँगली बन जाता है  पल्लू 

सर ढके जग में संस्कारी कहलाता 
ढल गया तो   कहर बरपाता ये  पल्लू 
छन छन् छन् छन घर की कुंजी छनकाता 
आये आँसू  आँख पौंछता है पल्लू 

चाहत में प्रेमी का साहिल बन जाता 
झगड़े  में फंदा  बन जाता ये पल्लू 
भार उठाने सर की टिकड़ी भी बनता 
धोबिन का हंटर  बन जाता है पल्लू   

स्वदेशी प्राचीन संस्कृति का द्योतक 
पुरखों की थाती का मानक ये  पल्लू 
जाने अब दुनिया में कैसी हवा बही 
उड़ा ले गई मरी  सिरों से वो  पल्लू  

जीवन में हर रंग दिखाता ये  पल्लू 
सर पर तो पूरित हो जाता है पल्लू 

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18 टिप्‍पणियां:

  1. पल्लू के हैं ढंग हजार..सुंदर वर्णन !

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  2. माँ के पीछे जब बालक दौड़े
    झट उंगली बन जाता है पल्लू... वाह बहुत खूब सुंदर भावभिव्यक्ति...

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  3. पल्लू की कहानी लिख दी ..... गहरी खोज पल्लू के विभिन्न पहलुओं को ले कर ...

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  4. जीवन में हर रंग दिखाता ये पल्लू
    सर पर तो पूरित हो जाता है पल्लू ...पल्बलू के रंग हजार बहुत सुन्दर..मेरे ब्लांग में भी कभी पधारें..आभार

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  5. लाज बचाता सबकी साड़ी का पल्लू।।
    --
    बहुत सुन्दर गाथा है पल्लू की!

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  6. सार्थक सन्देश लिए हुए.... खूबसूरत रचना......

    शब्दों की मुस्कुराहट पर .... हादसों के शहर में :)

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  7. आशीषों से भरा रहे सिर-धरा रहे ,नई बहू के पट का लहराता पल्लू !

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  8. आपकी यह रचना कल मंगलवार (23-07-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  9. बहुत सुंदर,




    यहाँ भी पधारे
    गुरु को समर्पित
    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_22.html

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  10. बढ़िया है आदरणीया -
    शुभकामनायें-

    उत्तर देंहटाएं
  11. स्वदेशी प्राचीन संस्कृति का द्योतक
    पुरखों की थाती का मानक ये पल्लू
    जाने अब दुनिया में कैसी हवा बही
    उड़ा ले गई मरी सिरों से वो पल्लू

    सुन्दर रचना !!

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  12. वाह दी कमाल किया आपने पल्लू के हर पहलू को छू लिया आपने

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  13. वह पल्लू का हर रंग दिखा दिया आपने =बहुत बढ़िया
    latest दिल के टुकड़े
    latest post क्या अर्पण करूँ !

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  14. बहुत सुन्दर प्रस्तुति है
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें
    http://saxenamadanmohan.blogspot.in/

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  15. पल्लू के इतने सारे विकल्प और सभी एकदम सटीक . पल्लू से जुडी बहुत सुन्दर बात कही अपने …………!

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  16. सर ढके जग में संस्कारी कहलाता
    ढल गया तो कहर बरपाता ये पल्लू


    वाह ! क्या बात कही है !
    आदरणीया राजेश कुमारी जी
    पल्लू के विविध रूप दिखा दिए आपने...


    हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !
    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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