यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

तीन मुक्तक

 मैं रंगती रही अतीत के कैनवास को 
अब वर्तमान को रंगीन बनाना होगा
फुसला नहीं सकता तू बस वादों से मुझे
ऐ इन्द्रधनुष अब तो बाहर आना होगा
(2)
बहुत बार यादों की बारिश में भीगी 
घटाओं संग काजल की स्याही बहाई 
सपने में भी तुमने यूँ  संभाला मुझको  
गिरने से पहले  मेरी    थामी कलाई 
(3)
वो करे ना करे वफ़ा मालूम नहीं 
फिर  हमे अपनी खता मालूम नहीं
हसरतें दिल क्यूँ अभी छोड़ें ये बता    
जब उसे  अपनी सजा मालूम नहीं  
************************************************** 

21 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर मुक्तक..
    बधाई राजेश जी.

    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  2. जीवन जीना वर्तमान में,
    व्यक्त समय की मधुर तान में।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर भावपूर्ण तीनो मुक्तक ,वाह ,,, राजेश जी बधाई

    RECENT POST ....: नीयत बदल गई.

    उत्तर देंहटाएं

  4. प्यारे और न्यारे सबसे अलग मुक्तक निर्दोष से .

    वो करे ना करे वफ़ा मालूम नहीं
    फिर हमे अपनी खता मालूम नहीं
    हसरतें दिल क्यूँ अभी छोड़ें ये बता
    जब उसे अपनी सजा मालूम नहीं

    उत्तर देंहटाएं

  5. तीनो मुक्तक बहुत सुन्दर है !
    डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post केदारनाथ में प्रलय (२)

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज शनिवार (13-07-2013) को समय की कमी ने मार डाला में "मयंक का कोना" पर भी है!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
  7. राजेश जी
    बधाई है ।
    एक अरसे के बाद मुक्तक पढे और याद दिला दिया आपने कुछ -शायद एक मुक्तक और -किसको सुनाएँ दर्द का फँसाना
    फांस की तरह फँसा वो नजारा
    निकले न निकलता है ,भूले न भुलाया जाता
    दगाबाजों से भरा है यह जमाना ।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आदरणीया सुधा कल्प जी आपको अपने ब्लॉग पर पाकर अति प्रसन्नता हुई आपने प्रतिउत्तर में बहुत सुन्दर मुक्तक साझा किया है बधाई आपको , मेरे मुक्तक पसंद आये दिल से आभारी हूँ स्नेह बनाए रखिये|

      हटाएं
  8. बहुत खुबसूरत एहसास पिरोये है अपने......

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .. आपकी इस रचना के लिंक की प्रविष्टी सोमवार (15.07.2013) को ब्लॉग प्रसारण पर की जाएगी. कृपया पधारें .

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत खूब ... उम्दा हैं सभी छंद ... लाजवाब ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. वाह ,बहुत सुंदर भावपूर्ण तीनो मुक्तक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत खुबसूरत भावो की अभिवय्क्ति…।

    उत्तर देंहटाएं
  13. आपकी शायरियां काबिले तारीफ़ है
    एक मेरी ओर से
    आँखों में ना हमको तलाशो सनम,
    दिल में हम बस जायेंगे,
    तमन्ना है अगर मिलने की,
    तो बंद आँखों में भी हम नज़र आयेंगे

    उत्तर देंहटाएं