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शनिवार, 30 मार्च 2013

(मेरी तीन सौ वीं पोस्ट ) फर फर तितली


       
उड़ती हुई
         उन्मुक्त गगन में
         भिगोये पंख
        डूबे सप्त रंगों में
         हुई नारंगी
        मरीचि मिलन में
         बिखेरी छटा
         प्रकृति आँगन में
         हर्षित धरा
        मुकुलाई मन में
         फूटे अंकुर
         पुलकित तन में
         मुस्काये पुष्प
         अगणित रंगों में
         कपोल लाल 
         केसर चंदन में
         सृष्टि ढूँढती 
         वो घर से निकली  
         फर फर तितली
****************


24 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर रचना।
    --
    300वीं पोस्ट की बधाई हो।
    --
    हमारी भी 1700 होने वाली हैं।

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  2. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (31-03-2013) के चर्चा मंच 1200 पर भी होगी. सूचनार्थ

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  3. बहुत बधाई इतनी सुन्दर पोस्ट के साथ ३०० पर पहुंची रचना संख्या ....!!

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  4. बहुत-बहुत बधाई ! इस खुबसूरत रचना के साथ ..
    शुभकामनायें!

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  5. सुन्दर सफ़र , ३०० पोस्ट्स का। बधाई।

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  6. आप सभी का हार्दिक आभार आप सभी के सहयोग से यहाँ तक पहुँची|

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  7. ३००वी पोस्ट की बहुत बहुत बधाई।...

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  8. सुन्दर तितली उड़ते उड़ते ३००वीं रचना पर जा बैठी....
    बहुत बहुत बधाई..
    शुभकामनाएं राजेश जी...

    सादर
    अनु

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  9. 300 रचना वाह कमाल
    वह भी तितली की
    बहुत बहुत बधाई

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  10. क्या बात हुज़ूर | शानदार रचना | साधू साधू |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  11. ३००वी पोस्ट की बहुत बहुत बधाइयाँ आदरेया.

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  12. ३०० वीं पोस्ट की बधाई ...
    तितली के रंगों की तरह ओर पोस्ट खिलती रहें ... आमीन ...

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  13. बहुत ख़ूबसूरत प्रस्तुति..३००वीं पोस्ट की बधाई...

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  14. सुन्दर प्रस्तुति...300वीं पोस्ट की हार्दिक बधाई...

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  15. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति!!
    पधारें कैसे खेलूं तुम बिन होली पिया...

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  16. बधाई हो! अपनी तो 300 पोस्ट तीन साल लिखने के बाद भी नहीं हुई थीं।

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    1. सादर आभार ,अनुराग जी मेरे भी मई में तीन साल होने ही वाले हैं |

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