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शनिवार, 1 दिसंबर 2012

ऑन दा स्पॉट बनी रचना


(एक ऐसी रचना  जो ऑन दा स्पॉट तैयार हुई एक गेम की तरह , एक पार्टी में हर एक लेडी के लिए कुछ न कुछ बोलना था और सबको गेस करना था की उक्त पंक्तियाँ किस के लिए है  तो देखिये क्या रचना बन गई )
तेरी आँखे हैं या नशे के पैमाने  मेरी ग़ज़ल की प्यास  बुझायें  
तेरे लब शहद से लबालब मेरी कविता में रस भर जाएँ 
तेरे दन्त  गुलनार की पंक्तियाँ मेरी कलम से मुक्तक लिखवायें  
तेरी उन्मुक्त हंसी तेरे ठहाके मेरी  हास्य रचना का अलंकर बन जाए  
तेरा संगमरमरी तराशा  बदन मुझसे रूमानी अशआर लिखवाये 
तेरा  मासूमियत से सजा वदन  मेरे गीतों की अदा  बन जाए  
तेरा लहराता बलखाता परांदा मेरे माहिया का किरदार बन जाए 
तेरे हुस्न के  एक एक नक्श पर मेरी कलम दोहे लिख जाय 
तेरा  क्षणिक मिलना    मेरी पड़ोसन  मुझसे लघु कथा लिख वाये 
तेरे  आने की महक मन मोहिनी दीप्ती  मेरे छंदों में बस जाए 
तेरी मीठी मुस्कान मीठी बोली की मिश्री मेरी त्रिवेणी में घुल जाए 
 चंचल  तरंगिणी तेरी कल कल ध्वनी मेरे ख्यालों में बस जाए 
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26 टिप्‍पणियां:

  1. ऑन दा स्पॉट तैयार हुई एक अनोखी अद्भुत सुन्दर रचना ऐसा ऑन दा स्पॉट तो बार-2 होना चाहिए
    अरुन शर्मा
    www.arunsblog.in

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  2. तेरी मीठी मुस्कान मीठी बोली की मिश्री मेरी त्रिवेणी में घुल जाए
    ऐ चंचल तरंगिणी तेरी कल कल ध्वनी मेरे ख्यालों में बस जाए
    बहुत सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति राजेश जी .बधाई

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  3. बहुत बढियां रचना....
    बहुत खूब..
    :-)

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  4. करते हैं खिलवाड़ तो, रचना बने कमाल ।
    शब्द शब्द श्रृंगार रस, चले लहरिया चाल ।
    चले लहरिया चाल, मुक्त मुक्तावलि चमके ।
    पड़ोसिनी लघु-कथा, बदन बिजुली सा दमके ।
    कहीं मोहिनी रूप, काम-रति कहीं विचरते ।
    खुले तीसरा नेत्र, दिखें पर कविता करते ।।

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  5. यह पार्टी तो ग़ज़ब की थी।
    लगता है जैसे अप्सराएँ जमीन पर उतर आइ हों।
    सुन्दर कविता -- ओन द स्पॉट ! :)

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  6. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

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  7. तेरे सहसा आदेश मुझसे आशु कविता करवाए!!

    लाजवाब!!

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  8. वाह...
    आशु कवि को सलाम...
    सादर
    अनु

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  9. ऑन दा स्पॉट, बनी अद्भुत सुन्दर रचना,,,बधाई राजेश कुमारी जी,,,

    recent post : तड़प,,,

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  10. बहुत बढियां रचना....ऑन द स्पॉट........वाह...!

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  11. बहुत ख़ूब!
    आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल दिनांक 03-12-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-1082 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

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  12. बहुत सुन्दर रचना....बधाई राजेश कुमारी जी !

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  13. तेरी मीठी मुस्कान मीठी बोली की मिश्री मेरी त्रिवेणी में घुल जाए
    ऐ चंचल तरंगिणी तेरी कल कल ध्वनी मेरे ख्यालों में बस जाए

    बहुत बढ़िया व भावपूर्ण प्रस्तुति |

    सबसे बढ़िया व वाल्ट जैसी सिक्यूरिटी गूगल का भरोसा

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  14. वाह ! सच में ! आपकी लेखनी के क़दम हाईकु जितने ..
    और असर... वेदों जैसा... :)
    जिसके लिए भी लिखा है.. वो कमाल ही होंगी.. :-)
    ~सादर!!!

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  15. ये आशु रचना बा -कायदा लिखी गई रचना से बढ़िया है राजेश जी कुमारी .

    तेरा क्षणिक मिलना ऐ मेरी पड़ोसन मुझसे लघु कथा लिख वाये
    तेरे आने की महक मन मोहिनी दीप्ती मेरे छंदों में बस जाए

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  16. त्वरित बनी कविता बहुत अच्छी लगी |
    आशा

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  17. बेहद शानदार ...
    बहुत ही खुबसूरत और प्यारी सी पोस्ट

    मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://rohitasghorela.blogspot.com/2012/11/3.html

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  18. मैं लिखता तो लोग यही आरोप लगाते कि... एक रसिक कवि ने अपने मित्रों को पार्टी में इसी बहाने सभी नारियों का नख-शिख वर्णन कर लुभाया! :)

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  19. कविता की तरह जीवन भी इतनी सहजता से बन जाए ...
    बहुत रोचक रचना का जनम हो गया ...

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