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शनिवार, 22 अगस्त 2015

सावन का कजरी गीत --आज मेरा भैया आएगा

रिमझिम सावन की फुहार आज मेरा भैय्या आएगा
आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे  लेके जाएगा

अम्बर पे बादल छाये
सखियों ने झूले पाए
भाभी ने गायी कजरी
बाबा जी घेवर लाए
कर लूँ अब मैं तनिक सिंगार आज मेरा भैया आएगा
आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे  लेके जाएगा

दीवार पे कागा बोले
यादों की खिड़की खोले
अम्मा ने संदेसा भेजा
सुनसुन मेरा मन डोले
मायके से आया तार आज मोरा भैया आएगा
आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा
 
ननदी जी सुनो जरा सा
कुछ कर लो काम जरा सा
चौका बर्तन करने को  
क्यूँ मन है डरा डरा सा
मुझसे मत करना तकरार आज मेरा भैया आएगा
आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा

सासू जी खाना पकालो 
अपने कुनबे को खिलालो
सैंया जी छोड़ो दफ्तर
दोनों बच्चों को सँभालो
अब मैं हो जाऊँ तैयार आज मेरा भैया आएगा
आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे लेके जाएगा 

13 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, 'छोटे' से 'बड़े' - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. बहुत उम्दा प्रेम भाव लिए मधुर रचना ...

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  3. ये बहुत अच्छी जानकारी है मेने भी अपना हेल्थ टिप्स इन हिंदी में ब्लॉग लिखना शुरू किया है जिससे सभी भारतवासी आयुर्वेद और घरेलू नस्खों द्वारा विभिन्न रोगों का उपचार कर पाएंगे

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  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ कृपया हेल्थ टिप्स के लिए यहाँ भी विजिट करे. Health tips In Hindi

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